Tuesday, December 31, 2019

What is Citizenship Amendment Bill? - पूरी जानकारी हिंदी में पढ़िए।

सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल क्या है? इसके बारे में भारत ही नहीं दुनिया भर के कई देशो के लोग जानना चाहते है। क्युकी इसी बिल के कारण भारत के कई बुद्धिजीवी और कुछ धर्मो के लोगो ने हिंसात्मक प्रदर्शन किया था। जिसकी वजह से भारतीय सरकारी खजाने को काफी नुक्सान हुआ है। कई शहरो में लोगो ने नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में शांतिपूर्ण रैली भी निकली लेकिन ज्यादातर शहरो में हिंसात्मक प्रदर्शन हुआ जिसमे सरकारी सम्पत्ति का तो नुकसान हुआ ही इसके साथ ही कई लोगो की जान भी चली गयी। इन सभी हिंशाओं का एकमात्र कारण लोगो को सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल के बारे में अधूरी जानकारी होना है। इसी कारणवश मैंने आज "What is Citizenship Amendment Bill in Hindi?" नामक आर्टिकल लिखने का सोचा, तो आइये बिना समय गवाए सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल के बारे में विस्तार से पढ़ते है।

What is Citizenship Amendment Bill in Hindi?

Citizenship Amendment Bill राज्यसभा और लोकसभा दोनों ही सदनों में भारी मतों से पारित हो चूका है। अब सवाल यह है की आखिर यह नागरिकता संशोधन बिल क्या है, दरसल भारत सरकार ने भारत के बाहर के देशो में रहने वाले उन लोगो के बारे में सोचा जिन्हे धर्म के आधार पर प्रताड़ना सहना पड़ता है, इनमे हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी धर्म वाले लोग आते है। इन्ही लोगो को धार्मिक प्रताड़ना से मुक्ति दिलाने के लिए भारत के गृहमंत्री श्री अमित शाह जी ने नागरिकता संशोधन बिल को संसद में पेश किया गया, जहाँ यह बिल राज्यसभा और लोकसभा में पेश किया गया और भारी मतों से यह संसद में पारित हो गया।

"नागरिकता संशोधन बिल के तहत नागरिकता अधिनियम 1955 में बदलाव किया गया है। जिसकी वजह से अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश समेत आस-पास के पडोशी देशों से भारत में आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी धर्म वाले लोगों को नागरिकता दी जाएगी। पहले भारत की नागरिकता लेने के लिए गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को कम से कम 11 वर्ष भारत में रहना जरुरी होता था। लेकिन अब नागरिकता संशोधन बिल के पास हो जाने के बाद से यह समय अब 6 वर्ष हो गया है।"

नागरिकता संशोधन बिल के बारे में फेमस हिंदी का तर्क

दोस्तों भारत के गृहमंती श्री अमित शाह जी ने स्पष्ट किया है की यह बिल भारत के नागरिको के लिए नहीं है। फिर भी भारत के कुछ लोगो ने इस बिल का विरोध किया है, मैं फेमस हिंदी के मदद से उन सभी लोगो से पूछना चाहता हूँ की क्या किसी बेसहारे की मदद करना गलत है? आप अपने आप को उस गैर-मुस्लिम शरणार्थी की जगह रख के देखिये फिर आपको समझ आएगा की यह बिल सही है या नहीं! इस बिल से ना जाने कितने ही परिवारों का भला हुआ है, उनका नर्क जैसा जीवन सुधरा है। भारत सरकार के इस फैसले का हर एक सच्चे भारतीयों को सम्मान करना चाहिए।

क्या सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल धर्म के आधार पर लाया गया है?

इस बिल से भारत के कई लोग का सवाल होता है की सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल को धर्म के आधार में क्यों लाया गया है? दोस्तों यह बिल किसी भी धर्म के आधार पर नहीं बना है, यह बिल केवल उन लोगो के लिए बना है। जिन्हे भारत के पडोशी देशो में धर्म के आधार पर प्रताड़ना सहना पड़ता है। इनमे हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी धर्म वाले लोग आते है। कई लोगो का सवाल होगा की इसमें मुस्लिमो को क्यों नहीं सम्मिलित किया गया है। दोस्तों दरसल भारत के पड़ोसी देश जैसे बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में मुस्लिमो को प्रताड़ना सहना नहीं पड़ता इसी कारणवश इस बिल को गैर-मुस्लिम शरणार्थी के लिए लाया गया है।

कृपया ध्यान दें: - नागरिकता संशोधन बिल नागरिकता देने का बिल है ना की लेने का तो किसी भी गलत अफवाहों में आप ना पड़े। इस बिल से भारत के किसी भी नागरिक का कोई मतलब नहीं है यह बिल भारत के बाहर के गैर-मुस्लिम शरणार्थियों के लिए है। दोस्तों भारत में जो भी 11 वर्ष से अधिक समय तक रहेंगे उन्हें भारतीय नागरिकता कानून के नियमानुसार भारत की नागरिकता प्रदान की जाएगी। इस बिल के कारण किसी भी धर्म के लोगो का भारत में नागरिकता देना बंद नहीं हुआ है अतः किसी भी धर्म के लोग भारत के नागरिकता कानून के नियमानुसार भारत की नागरिकता ले सकते है। इसके लिए उन्हें कम से कम 11 वर्ष तक भारत में रहना होगा तभी नागरिकता पाने के लिए आगे की प्रक्रिया हो सकती है।

दोस्तों यदि आपके पास सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल से जुड़ा कोई प्रश्न है तो उसे निचे कमेंट बॉक्स में पूछे, मै आपको संतुष्ट करने वाला उत्तर अवश्य दूंगा, धन्यवाद