Saturday, February 8, 2020

स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) जी की सम्पूर्ण जीवनी हिंदी में पढ़िए।

Swami Vivekananda
12 जनवरी सन्‌ 1863 को जन्मे आदरणीय स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) जी भारत के साथ ही दुनिया भर में अपनी विख्यात प्रतिभा के बल पर प्रसिद्ध है। स्वामी जी जन्म से ही तीर्व बुद्धि के मालिक थे, उनकी परमात्मा को जानने की इच्छा ने ही उन्हें बालक से विवेकानंद बनाया। स्वामी विवेकानंद जी का जन्मदिन प्रत्येक वर्ष युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। हर एक युवा को स्वामी जी के जीवन के बारे में अवश्य जानना चाहिए, इनके जीवन के त्याग, समर्पण और निर्भीकता प्रत्येक युवा के लिए प्रेरणादायक है। आइये इस आर्टिकल की मदद से स्वामी जी के जीवन (Swami Vivekananda Biography in Hindi) के बारे में और विस्तार से जानते है।

स्वामी विवेकानंद जी का निजी जीवन

स्वामी विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी सन्‌ 1863 को कलकत्ता में हुआ था। वैसे तो स्वामी जो को उनके परिवार ने वीरेश्वर नाम दिया था परन्तु व्यावहारिक रूप से उन्हें नरेन्द्रनाथ दत्त कहकर बुलाया जाता था, जो की उनका औपचारिक नाम था। स्वामी जी के पूज्य पिताजी का नाम विश्वनाथ दत्त था जो की कलकत्ता के हाईकोर्ट में एक प्रसिद्ध वकील थे। उनकी माता भुवनेश्वरी देवी एक ग्रहणी के साथ ही आदर्श धार्मिक विचारो की धनि महिला थी। हमेशा से स्वामी जी आध्यात्मिक माहौल में रहे थे, उनके घर पर पुराण, रामायण, महाभारत आदि की कथाये हमेशा ही सुनने को मिलती थी क्युकी स्वामी जी की माता श्री को इन्हे सुनाने का बहुत ही शौक था, जिसके फलस्वरूप स्वामी जी के मन में इस्वर को जानने की प्रबल इच्छा जागृत हुई।

श्री रामकृष्ण परमहंस से मिलन

स्वामी जी के ईश्वर को जानने की जिज्ञाषा ने इन्हे ब्रह्म समाज में पहुंचाया, परन्तु यहाँ भी इनकी जिज्ञाषा का अंत नहीं हुआ। एक बार स्वामी जी ने रामकृष्ण परमहंस जी के बारे में सुना जिसके कारण इनके अंदर परमहंस जी से मिलने की इच्छा हुई। सुरुवात में स्वामी जी परमहंस जी से केवल तर्क विचार करने के सन्दर्भ में गए थे परन्तु परमहंस जी के विचारो से प्रभावित होकर इन्होने परमहंस जी का शिष्य बनने की इच्छा जाहिर की। परमहंस जी भी स्वामी जी को देखकर पहचान गए की ये वही वयक्ति है जिनकी उन्हें हमेशा से प्रतीक्षा थी। परमहंस जी की कृपा से ही स्वामी जी को आत्म-साक्षात्कार हुआ और इसके पश्चात ये परमहंस जी के शिष्यों में प्रमुख हो गए। परमहंस जी के सानिध्य में ही इन्होने सन्यास लिया जिसके पश्चात इनका नाम विवेकानंद हुआ।

एक बार की बात है जब परमहंस जी को कैंसर हो गया था जिसके कारण गले में से थूंक, रक्त, कफ आदि का निकलना स्वाभाविक था। तब परमहंस जी की सेवा का सारा काम स्वामी जी के साथ साथ अन्य शिष्यगण भी देख रहे थे। उसी में से एक शिष्य ने परमहंस जी की सेवा करने में घृणा के साथ ही लापरवाही भी दिखाई, यह कृत देखकर स्वामी जी क्रोधित हो गए और उस शिष्य को पाठ पढ़ाने के उद्देश्य तथा गुरुभक्ति में रक्त, कफ आदि से भरी थूकदानी उठाकर पूरी पी गए। ऐसी गुरुभक्ति के फलस्वरूप ही इन्हे गुरुभक्तों की श्रेणी में एक विशेष स्थान मिला है।

विश्व धर्म महासभा का प्रतिनिधित्व

परमहंस जी की मृत्यु के पश्चात स्वामी जी ने पुरे भारतीय उपमहाद्वीप के साथ ही देश विदेशो का भी दौरा किया तथा हिंदुत्व का प्रचार-प्रसार किया, इसके साथ ही मौजूदा ब्रिटिश भारत का विश्लेषण भी किया। इन सब के बाद इन्होने 1893 में अमेरिका स्थित शिकागो में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था, जहाँ इन्होने सनातन धर्म का बहुत ही बखूभी से बखान किया। विश्व धर्म महासभा में भाषण देने के लिए इन्हे केवल 2 मिनट का समय मिला था जिसकी सुरुवात इन्होने "मेरे अमरीकी भाइयो एवं बहनो" के साथ किया जो की वहाँ उपस्थित सभी श्रोताओं के दिलो को छू गयी।

मृत्यु

विवेकानंद जी के ओजस्वी व्यक्तित्व के बारे में आज पूरा विश्व जानता है, इनकी मृत्यु भारत वर्ष के लिए किसी आघात से कम नहीं है। स्वामी जी ने ध्यान की दिनचर्या को कभी भी नहीं छोड़ा, वो नियमित रूप से ध्यान करते थे। मृत्यु के आखरी दिन भी स्वामी जी ने प्रातः 2 से 3 घंटे ध्यान किया तथा 4 July 1902 को ध्यान की उपाधि में ही वो इस नस्वर शरीर को त्यागकर ईश्वरलोक को प्राप्त हुए।

निष्कर्ष: - स्वामी विवेकानंद जी के व्यक्तिव से हर कोई प्रभावित होता है, इनके किये गए कार्यो का परिणाम ही है की अंग्रेजो के समय भी भारत का एक अलग ही महत्व था। स्वामी जी की जितनी प्रसंशा की जाये वो कम है क्युकी इनके वयक्तित्व का बखान करना किसी के लिए भी मुमकिन नहीं है। स्वामी जी के जीवन से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। भारत का गर्व और हम सब के आदर्श स्वामी विवेकानंद जी को सत-सत नमन। स्वामी जी का हिन्दू धर्म के प्रचार-प्रसार में बहुत बड़ा योगदान है क्युकी स्वामी जी ने हिन्दू धर्म के ज्ञान का कई देशो में बखान किया। इनके आदर्शो पर चलकर हर इंसान महान बन सकता है, अतः स्वामी जी को विचारो को अपने अंतरात्मा में प्रवेश कराइये और इनके जीवन के सिद्ध्नातो को अपनाकर अपने जीवन को सफल बनाइये।

यहाँ क्लिक करके आप स्वामी जी के जीवन (Swami Vivekananda Biography in Hindi) के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है।

Thursday, January 9, 2020

SEO क्या है और यह इतना जरुरी क्यों है? - पूरी जानकारी हिंदी में जानें।

What is SEO in Hindi?
हैलो दोस्तों, आज इस पोस्ट की मदद से आप SEO के बारे में वो सभी जानकारी ले पाएंगे, जिसे आप जानना चाहते है, तो चलिए आज जानते है "What is SEO in Hindi". दोस्तों ज्यादातर लोगो के मन में SEO से जुड़े बहुत से सवाल उठते है जैसे की "SEO क्या है और ये क्यों करते है?, इसे करने से क्या फायदा मिलता है?, क्या SEO के बिना भी Website को Rank कराया जा सकता है?" इन सभी सवालों के जवाब मैं एक एक करके आपको बताऊंगा और SEO की पूरी जानकारी इस पोस्ट के माध्यम से आप तक पहुंचाने की कोशिश करूंगा।

दोस्तों SEO का फील्ड बहुत बड़ा है, इसके अंदर बहुत सी जानकारिया है, जिसे आपको अवश्य जानना और समझना चाहिए। जो लोग SEO फील्ड में नए है और जो Experience हैं उन दोनों के लिए ये पोस्ट बहुत लाभदायक सिद्ध होगा।

What is SEO in Hindi? - Search Engine Optimization क्या है?

SEO Defination in Hndi - SEO (Search Engine Optimization) एक ऐसा तरीका है जिसे करके आप अपने वेबसाइट और उसके पोस्ट्स को सर्च इंजन जैसे Google, Bing, Yahoo, Baidu आदि में टॉप रैंकिंग दिला सकते है।

SEO के जरिये ही आप अपने वेबसाइट पर सर्च इंजन की मदद से Genuine और Free का ट्राफिक (ट्राफिक से मेरा मतलब Users से है) ला सकते है। दोस्तो Organic Traffic लाने के लिए SEO बहुत जरूरी है, यह आपके वेबसाइट या ब्लॉग को सर्च इंजन में Top Rank दिला सकता है, जो बिल्कुल फ्री होगा।

यदि आपके वेबसाइट का रैंक Top Position या सरल भाषा में कहे तो सर्च इंजन के First Page पर रहता है तो ज्यादा से ज़्यादा Users आपके वेबसाइट पर आएंगे जिससे आप अधिक से अधिक बिज़नेस कर पाएंगे।

भारत मे बहुत से ऐसे ब्लॉगर है जो अपने वेबसाइट की सहायता से लाखो रुपया महीना कमाते है। यदि आप भी उन्हीं की तरह अपने वेबसाइट से लाखो रुपया महीना कामना चाहते है तो इस पोस्ट को ध्यानपूर्वक पढ़े और समझने का प्रयत्न अवश्य करे।

कृपया ध्यान दें: - SEO का इस्तेमाल हम वेबसाइट बनाने के बाद उसके पोस्ट्स को सर्च इंजन में रैंक दिलाने के लिए करते है, अतः यदि आपने अपनी वेबसाइट बनाई है और चाहते है की यह सर्च इंजन में रैंक करे तो इस पोस्ट को पूरा पढियेगा। अब SEO in Hindi के बारे में और जानते है।

SEO वेबसाइट के लिए इतना जरूरी क्यों है?

SEO वेबसाइट के लिए बहुत जरुरी है क्युकी इसे करके ही आप अपने वेबसाइट पर Organic तरीके से Traffic ला पाएंगे, दोस्तों जो भी वेबसाइट बनाता है वो ये जरूर चाहेगा की उसकी वेबसाइट पर बहुत सारे लोग आये और उसके पोस्ट्स को पढ़े, लेकिन ये सब इतना आसान नहीं होता है।

अपनी वेबसाइट पर लोगो को लाना एक मुश्किल काम है जो एक या दो दिन में नहीं होता, इसीलिए वो SEO करते है जिससे जल्द ही उनके वेबसाइट के पोस्ट सर्च इंजन में रैंक करने लगते है जिसके कारण Visitors उनके वेबसाइट पर आने लगते है।

कृपया ध्यान दें: - यदि आप चाहते है की कोई User आपके वेबसाइट के किसी पोस्ट से Related कुछ सर्च करे और आपके वेबसाइट का वो पोस्ट सर्च इंजन के Top Page पर दिखे तो आपको अपने वेबसाइट के लिए SEO करना ही होगा। इस SEO in Hindi नामक पोस्ट को को पूरा पढियेगा, हर एक पॉइंट बहुत महत्वपूर्ण है, अतः सभी पॉइंट को ध्यानपूर्वक पढ़े।

SEO कितने के प्रकार के होते है?

दोस्तों SEO करने के 2 तरीके है जिससे आप अपने वेबसाइट को सर्च इंजन में रैंक करा पाएंगे, इन दो तरीको में पहला On Page SEO है और दूसरा Off Page SEO है।

अगर आप इन दोनों तरीको को जान गए तो सर्च इंजन में किसी भी वेबसाइट को रैंक कराना आपके दाये हाथ का काम होगा। तो चलिए बिना देर किये जानते है की इन दो तरीको से कैसे हम अपने वेबसाइट की रैंक कराये?

On Page SEO क्या है? | On Page Optimization

दोस्तो ऑन पेज SEO का प्रयोग वेबसाइट के Internally Part (आंतरिक भाग) में करते है, On Page SEO के लिए जरुरी है की आपके पास उस वेबसाइट का Admin Page का Access हो जिस वेबसाइट का आप On Page SEO करना चाहते है। निचे मैं आपको वो सभी तरीके बताने जा रहा हूँ जो On Page SEO में करते है। इस SEO in Hindi नामक पोस्ट में On Page और Off Page दोनों ही बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन पहले मैं On Page Optimization से सुरु करता हु।

1) Keyword Research

दोस्तों On Page SEO में Keyword Research का बेहद अहम किरदार है, क्युकी Keyword Research करके ही आप सही मायने में अपने वेबसाइट के लिए उन सभी Keywords को खोज सकेंगे जिन्हें लोग ज्यादा सर्च करते है। Keyword Research के लिए बहुत से Online Tools आपको मिल जायेंगे जहाँ आप अपने वेबसाइट के लिए उत्तम और ज्यादा सर्च होने वाला Keyword ढूंढ पाएंगे।

इसके साथ ही Keyword Research में आप यह भी जान पाएंगे की किस Keyword के लिए ज्यादा Competition है और किस Keyword के कम, जिसकी मदद से आप समझ पाएंगे की आपके वेबसाइट के लिए कौन - कौन से Keywords महत्वपूर्ण है।

2) Content Optimization

Content को SEO का King भी कहा जाता है इसीलिए आपके वेबसाइट का Content बहुत ही अच्छा होना चाहिए जिसे पढ़के Visitors को कुछ भी समझने में दिक्कत ना हो। Content में सिंपल भाषा का प्रयोग करे जिससे यह छोटे और बड़े सबको आसानी से समझ आ जाये।

आप जितना अच्छा Content लिखेंगे उतनी ही अच्छी आपके वेबसाइट की Value होगी। एक बात ध्यान रखे की किसी और के वेबसाइट का Content गलती से भी कॉपी ना करे क्युकी ऐसा करना पर Google का Panda Update आपके वेबसाइट को Penalize कर देगा। SEO के साथ ही आपको Google Algorithm Updates के बारे में भी अच्छी जानकारी होनी चाहिए, Google Panda Update इन्ही Updates में से एक है जो आपके वेबसाइट के Content को प्रभवित करता है

इसके साथ ही अपने वेबसाइट में Fake Content का प्रयोग बिलकुल ना करे, Fake Content से मेरा मतलब उस Content से है जो आपके पोस्ट के Title Tag के अनुशार ना हो। क्युकी User तो आपके पोस्ट का Title Tag पढ़के आपके वेबसाइट पर आ जायेगा परन्तु यदि उसे कुछ और पढ़ने को मिला तो वो कभी भी आपके वेबसाइट पर दुबारा आना नहीं चाहेगा, इसीलिए ऐसा Content लिखे जो आपके Title Tag के अनुशार हो और Users को पसंद आये।

आप चाहे तो पैसे खर्च करके भी किसी और से Content लिखवा सकते है, इसके लिए बहुत सी Online Website है। जहाँ आपको Freelancers के रूप से Content Writer मिल जायेगा जिससे आप अपना कंटेंट लिखवा सकते है। इसके साथ ही आपके वेबसाइट का Content Plagiarism Free होना चाहिए कोशिश करे की आपके वेबसाइट का Content Unique हो तभी यह Search इंजन में जल्दी रैंक हो पायेगा।

कृपया ध्यान दें: - एक पोस्ट के लिए आपको कम से कम 300 Words तक के Content का इस्तेमाल करना चाहिए। याद रखे Users को भटकाने का प्रयाश ना करे, इसलिए अपने पोस्ट को इस तरीके से लिखे की कम से कम शब्दो में वो Users को समझ आ सके।

Headings - Part of Content Optimization

SEO में Headings का बहुत महत्व होता है, जैसे Essay लिखते समय उसमे Headings का इस्तेमाल किया जाता है ताकि वो सही ठंग से अध्यापक को समझ आ जाये, ठीक उसी प्रकार से जब आप अपने वेबसाइट के पोस्ट को Headings का इस्तेमाल करके बनाएंगे तो वो भी सर्च इंजन को बहुत पसंद आएगा और साथ ही साथ आपके पाठको को भी प्रभावित करेगा। Content के अनुसार आप Heading 1, Heading 2, Heading 3 और बाकि के Headings का इस्तेमाल कर सकते है।

Keyword - Part of Content Optimization

Keyword On Page Optimization का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह Content Optimization का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक पोस्ट के लिए एक या अधिक Keywords पर Focus किया जा सकता है, इसके लिए पोस्ट में कीवर्ड का प्रयोग से सावधानी से करना चाहिए। आप अपने वेबसाइट के पोस्ट में Keyword का इस्तेमाल Headings में, SEO Title में, पोस्ट के पहले पहले पैराग्राफ में, Image Alt Tag में, Meta Description में और URL में अवश्य करे।

कृपया ध्यान दें: - आपने जिस Keyword को चुना है उसे अपने पोस्ट के Content में इस्तेमाल करे। (2% Max.)

3) URL

अपने पोस्ट का यूआरएल (URL - Uniform Resource Locator) जितना सिंपल और छोटा हो सके उतना छोटा रखे और अपने URL में Keyword का प्रयोग अवश्य करे जिस पोस्ट पर Keyword को फोकस करना चाहते है।

Example के लिए निचे देखे ↓

फेमस हिंदी वेबसाइट के इस पोस्ट का URL है - "https://www.famoushindi.in/2020/01/seo-in-hindi.htmlइसमें मैंने "seo-in-hindi" को कीवर्ड के रूप में अपने URL में इस्तेमाल किया है आप भी ऐसे ही URL का प्रयोग अपने पोस्ट के लिए कर सकते है।

4) Title Tag

Website का CTR (Click-Through Rate) को बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा Visitors लाने के लिए अपने वेबसाइट का Title Tag बहुत अच्छा बनाये। इसके लिए आप अपने वेबसाइट का टाइटल टैग 65 Words से ज्यादा का ना बनाये क्युकी Google Searches में 65 Words से ज्यादा का Title Tag Show नहीं होता है। आपका पोस्ट का Title Tag जितना अट्रैक्टिव होगा Visitors को वो उतना ही पसंद आएगा। इसलिए अपने Title Tag को जितना हो सके अट्रैक्टिव बनाये जो आपके पोस्ट के अनुशार हो, जिसे पढ़ के तुरंत ही User आपके वेबसाइट में Enter करे।

5) Meta Description

दोस्तों Meta Description बहुत जरुरी होता है SEO के लिए क्युकी इसका प्रयोग करके हम Google या किसी और Seach Engine को बताते है की हमारा पोस्ट किस टॉपिक पर बना है, जैसे Tech पर या Sports पर या और किसी टॉपिक पर, Meta Description 155 Words का बनाये क्युकी इससे ज्यादा का Description Search Engine में Show नहीं होता है।

6) Image Alt Tag

दोस्तों वेबसाइट के जिस पोस्ट को आप Seach Engine में रैंक करना चाहते है उसे अच्छे तरह से Optimize किये बिना आप रैंक नहीं कराया जा सकता है। Image का Role भी एक Optimization का है यदि आप अपने पोस्ट के Image में Alt Tag का प्रयोग करते है तो आपका पोस्ट और अच्छे से Optimize हो पायेगा और Seach Engine में आपके पोस्ट की वैल्यू बढ़ेगी, इसीलिए इमेज में Alt Tag लगाना ना भूले

7) Link

दोस्तों किसी भी पोस्ट में दो तरह के Link का प्रयोग किया जाता है उसमे पहला है Internal Link और दूसरा है External Link। इन दोनों का प्रयोग आपको अपने Web Page में करना चाहिए। अपने पोस्ट में कम से कम एक External Link का प्रयोग "Nofollow Tag" के साथ अवश्य करे और Internal Link का प्रयोग अपने हिसाब से करे जहाँ आपको Internal Link देना हो वहाँ उसे दे और ध्यान रखे लिंक हमेशा "Hypertext" पर ही दे। आसान शब्दों में कहे तो Internal Link को हमेशा Keyword पर ही लगाए जिससे आप जिस पेज का लिंक दे रहे है उसे भी अच्छा Rank Juice मिले।

8) Website Speed Optimization

SEO में Website Speed का विशेष महत्व है, क्युकी यदि आपके वेबसाइट की स्पीड अच्छी नहीं होगी तो आपके पाठक (Visitors) आपके Website को छोड़कर किसी और के Website पर चले जायेंगे। इसका केवल एक ही कारण है और वो है वेबसाइट का Open होने में समय लगाना। इसलिए वो क्यों आपके वेबसाइट को Open करने में Time Waste करे।

आप खुद ही सोचिये यदि आप गूगल पर कोई keyword सर्च करते है और दिए गए SERP (Search Engine Results Page) में से किसी वेबसाइट को ओपन करते है और वो लेट ओपन होता है तो आप तुरंत उसे छोड़ कर दूसरे वेबसाइट को ओपन करना ही ठीक समझेंगे, ठीक उसी प्रकार से Users भी करते है। इसलिए आपके वेबसाइट की लोडिंग स्पीड अच्छी होनी ही चाहिए।

यदि आपके वेबसाइट की पेज स्पीड 4 - 5 सेकंड है तो ठीक है क्युकी Visitors वेबसाइट ओपन करने में इससे ज्यादा टाइम नहीं देते है, इसलिए यदि इससे ज्यादा टाइम वेबसाइट ओपन करने में लगता है तो निचे दिए गए कुछ टिप्स का इस्तेमाल करके अपने वेबसाइट की पेज स्पीड को तेज़ करे।

जानिए कैसे Website की लोडिंग स्पीड तेज़ करते है?
  1. सबसे पहले आप अपने वेबसाइट में सिंपल थीम का प्रयोग करे क्युकी सिंपल थीम (Simple Theme) से आपके वेबसाइट पर ज्यादा लोड नहीं होगा।
  2. ज्यादा Plugins का Use ना करे क्युकी ज्यादा Plugins का Use करने से वेबसाइट की RAM भी कम हो जाती है ठीक उसी प्रकार से जैसे यदि आप अपने मोबाइल में ज्यादा Apps इनस्टॉल कर लेंगे तो मोबाइल स्लो हो जाता है। उसी प्रकार से वेबसाइट भी होस्टिंग से चलती है और होस्टिंग वेबसाइट को RAM उपलब्ध करता है इसलिए आप उन्हीं Plugins का Use करे जिनकी आपके वेबसाइट की जरुरत है।
  3. ज्यादा MB वाली इमेज का प्रयोग न करे, Image का साइज कम से कम रखे ताकि वेबसाइट की स्पीड अच्छी हो सके।
  4. W3 Total Cache और WP Super Cache Plugins का Use करे। इन Plugins से वेबसाइट की Cache को डिलीट किया जा सकता है जो आपके वेबसाइट के स्पीड बढ़ाने में बेहद महत्वतपूर्ण होते है।

9) User Friendly Website

आप अपने वेबसाइट को User Friendly बनाये, कुछ लोग ऐसी वेबसाइट बनाते है जिसका न फॉण्ट सही होता है और ना ही वो मोबाइल वाले यूजर को सही से दीखता है। तो ऐसी गलती आप ना करे, अपने वेबसाइट को अच्छा लुक दे जो Visitors को पसंद आये।

वेबसाइट बनाने के बाद ये जरूर चेक करे की आपके वेबसाइट का Webpages "Mobile Version" में भी Show हो रहे है या नहीं यदि नहीं हो रहे तो आप अपने वेबसाइट के Theme की सेटिंग Change कीजिये और इसे मोबाइल फ्रेंडली बनाइये। अपने वेबसाइट में Menu, Sub Menu और पोस्ट में Category और Tag का Use जरूर करे।

10) Sitemap

दोस्तों Sitemap एक प्रकार का Website Map होता है जिसे सर्च इंजन का Spider या Crowler पढता है और उसे स्कैन करता है जिससे उसे आपके Website का स्ट्रक्चर पता चल जाता है। यदि आपने अपने वेबसाइट का Sitemap बनाया है तो Crowler जल्दी से आपके वेबसाइट के सभी Web Pages तक पहुंच जायेगा और उन्हें Easily Crowl कर पायेगा। यदि Sitemap Submit नहीं है तो सर्च इंजन का Crowler आपके वेबसाइट के सभी Web Pages तक नहीं पहुंच पायेगा जिससे आपके वेबसाइट के बहुत से नए पोस्ट सर्च इंजन में रैंक नहीं कर पाएंगे क्युकी बिना Sitemap के Spider को Crowl करने में टाइम लगता है।

Sitemap मुख्यतः हम दो प्रकार के प्रओग करते है एक XML Sitemap (Seach Engine के लिए) और दूसरा HTML Sitemap (Users के लिए), आप XML Sitemap का Pluggin अपने वेबसाइट में Install करके भी Sitemap लगा सकते है। इसके साथ ही ऑनलाइन बहुत सी ऐसी वेबसाइट है जहाँ से आप XML Sitemap Create कर सकते है।

कृपया ध्यान दें: - आज के समय में ज्यादातर लोग WordPress का प्रयोग करते है, जिसमे Yoast SEO नामक Plugin का प्रयोग ज्यादा होता है। यदि आप भी अपने WordPress वेबसाइट में Yoast SEO का प्रयोग करेंगे तो आपको Sitemap Create करने की जरुरत नहीं होगी।

11) Robots.txt

Robots.txt एक Metatag है जिसका इस्तेमाल करके सर्च इंजन को बताया जाता है की वो वेबसाइट के किन Files और Folder को Crowl करे और किसको न करे। आप Robots.txt को Manually बना सकते है और कुछ Online Website भी इंटरनेट पर उपलब्ध है जिनकी सहायता लेके भी आप Robots.txt File Create कर सकते है।

Off Page SEO क्या है? | Off Page Optimization

दोस्तों अब जानते है की ऑफ पेज SEO क्या है, Off Page SEO में वेबसाइट के बाहर का काम होता है। ऑफ पेज SEO का सारा काम आपके वेबसाइट का दूसरे Websites पर प्रमोशन करना होता है। इसमें अपने वेबसाइट के पोस्ट्स के Links को दूसरे वेबसाइट पर Submit करते है और उनसे Backlinks लेते है। Backlink का मतलब उस लिंक से है जो हमे दूसरे वेबसाइट से मिलता होता है। Off Page Optimization को Link Building भी कहाँ जाता है।

Off Page SEO में विशेषतः Backlinks ही बनाया जाता है जिससे वेबसाइट की DA और PA बढ़ता है जो Keywords की रैंक लाने के लिए बहुत जरुरी होता है। दोस्तों वेबसाइट को Support की जरुरत होती है जो दूसरे वेबसाइट से लेना पड़ता है।

चलिए अब जानते है की कैसे वेबसाइट का Backlinks किया जाये जिससे वेबसाइट मजबूत हो जिससे गूगल या किसी और Seach Engine में वेबसाइट के पोस्ट की अच्छी रैंक आये। मै निचे कुछ इम्पोर्टेन्ट ट्रिक्स बताने जा रहा हूँ, इन्हे पढ़िए और जानिए की कैसे वेबसाइट को बैकलिंग दे।

कृपया ध्यान दें: - जितना हो सके Do Follow के साथ ही HIGH DA-PA की Websites पर लिंक बनाये तभी आपके Websites को रैंक जूस पास होगा और वेबसाइट का Performance सर्च इंजन में बढ़ सकेगा। अब इस SEO in Hindi नामक पोस्ट में Off Page Optimization Activity के बारे में विस्तार से जानते है।

1) Search Engine Submission

Off-Page SEO में सबसे पहले हम अपने वेबसाइट को Seach Engine (Google, Yahoo, Bing, Ask.com, Baidu, Etc.) में Submit में करते है। दोस्तों यदि आपकी वेबसाइट नई है तो Seach Engine इसे जल्दी से Crowl नहीं करेगा, लेकिन यदि आप Seach Engine में वेबसाइट का लिंक Submit कर देते है तो आपका वेबसाइट बहुत जल्दी से Crowl हो जायेगा और Seach Engine Result Page (SERP) में Show होने लगेगा। इसलिए अपने वेबसाइट को Seach Engine में सबमिट करना न भूले

2) Bookmarking

Bookmarking Websites पर जाके अपने Website का Bookmarking करे क्युकी ऐसे Websites की Caching Frequency ज्यादा अच्छी होती है। यदि आप इन वेबसाइट पर अपने वेबसाइट का बैकलिंक बनाते है तो सर्च इंजन में आपके वेबसाइट के पेजेज की रैंकिंग जल्दी आ जाएगी।

कृपया ध्यान दें: - याद रखे एक दिन में 17 से ज्यादा bookmarking ना करे

3) Directory Submission

डायरेक्टरी सबमिशन का प्रयोग मजबूत बैकलिंग्स (Strong Backlings) बनाने के लिए करते है। HIGH DA PA की डायरेक्टरी वेबसाइट से अपने वेबसाइट के पेजेज का लिंक दे और सर्च इंजन में अपने वेबसाइट की वैल्यू बढ़ाये।

4) Classified Submission

क्लासिफाइड सबमिशन का मतलब होता है वेबसाइट को प्रमोट करना, OLX, Quikr इत्यादि जैसे कुछ बढ़िया वेबसाइट पर जाके आप अपने वेबसाइट का Free में क्लासिफाइड सबमिशन करा सकते है।

5) Blog Commenting

कुछ Famous वेबसाइट जिनकी रैंक अच्छी हो और DA PA HIGH हो ऐसे वेबसाइट पर जाके कमेंट करे और अपने वेबसाइट का यूआरएल (URL) सबमिट करे। जिससे आपकी वेबसाइट पर Referral (रेफेरल) ट्रैफिक मिलेगा और इसके साथ साथ बैकलिंग भी मिलेगा जितना हो सके Do Follow वेबसाइट पर कमेंट करे।

कृपया ध्यान दें: - दोस्तों Commenting हमेशा अपने Niche (Topic) वाली वेबसाइट पर ही करे। क्युकी जिस वेबसाइट पर आप कमेंट कर रहे है वो यदि आपके Niche की ना हो तो वो कमेंट Spam Comment में Count होगा अतः अपने विषय से सम्बंधित वेबसाइट पर ही कमेंट करे।

6) Guest Post

Guest Post उन वेबसाइट पर सबमिट करते है जो Guest Post सबमिशन मांगते है ऐसे वेबसाइट पर जाके आपको अपने वेबसाइट का लिंक सबमिट करना होता है। जिससे आपके वेबसाइट को बहुत अच्छा लिंक जूस पास होगा क्युकी Guest Post से हमे Do Follow लिंक मिलता है।

दोस्तों Guest Post सबमिशन Free और Paid दोनों होते है, आपको अपने वेबसाइट के Niche से सम्बंधित Content को Guest Post वाले वेबसाइट पर Submit करना होता है। यदि आपका Content अच्छा है तो Guest Post वाले वेबसाइट के Owner उसको जल्दी ही Accept कर लेंगे जिससे उस वेबसाइट से आपके वेबसाइट को एक Quality Back link मिल जायेगा।

7) Uses of Social Media

दोस्तों सोशल मीडिया का प्रयोग दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है, Social Media एक Best प्लेटफार्म है जहाँ से आपके वेबसाइट को बहुत सारा Genuine Traffic मिल सकता है। इसलिए सोशल वेबसाइट जैसे Facebook, Twitter, Pinterest, Tumblr, Reddit, इत्यादि सोशल Websites पर अपने वेबसाइट के नाम से अकाउंट बनाये और पोस्ट के माध्यम से अपने वेबसाइट का लिंक सबमिट करे।

कृपया ध्यान दें: - एक बात याद रखे एक दिन में 30 से ज्यादा सोशल Websites पर पोस्ट ना करे।

8) Profile Creations

प्रोफाइल क्रिएशन्स का बैकलिंक्स के लिए एक अलग ही महत्व है, प्रोफाइल क्रिएशन्स में आपको अलग अलग Websites पर जाके प्रोफाइल बनाना पड़ता है जहाँ से आपको एक क्वालिटी लिंक मिलता है। प्रोफाइल क्रिएशन्स के माध्यम से बैकलिंक कैसे बनाया जाता है, यह जानने के लिए निचे दी गयी विडिओ को अवश्य देखे।

9) PDF/PPT Submission

इसके लिए बहुत काम मात्रा में वेबसाइट उपलब्ध है जहाँ आप PDF/PPT Submit कर सकते है। PDF/PPT Submit करते वक़्त PDF/PPT में अपने वेबसाइट का लिंक अवश्य लगाए।

10) Image Submission

Image Submission भी एक तरीका है जिससे आप अपने वेबसाइट को सर्च इंजन में रैंक करा सकते है। Image Submission के लिए Instagram, Pinterest, Tumblr इत्यादि अच्छी वेबसाइट है जहाँ आप इमेज के माध्यम से लिंक सबमिट कर सकते है।

11) Business Listing

यदि आप अपने वेबसाइट को किसी विशिष्ट जगह या कहे की किसी खाश लोकेशन के लोगो को सर्च इंजन पर Show कराना है तो आप Business Listing का प्रयोग कर सकते है इसके साथ ही Business Listing करने से आपकी वेबसाइट को एक Quality Link भी मिल जाता है।

12) Blog Submission | 2.0 Submission

Blog Submission की Sites पर जाके आपको एक ब्लॉग बनाना होगा, उसके बाद उस ब्लॉग पर पोस्ट की मदद से ब्लॉग पोस्ट करना होगा जिसमे आप अपने वेबसाइट का लिंक दे सकते है, Blog Submission एक बहुत बढ़िया तरीका है Quality + Unique बैकलिंक लेने का, ज्यादार ब्लॉग सबमिशन की वेबसाइट Authority High की होती है और DO Follow लिंक देती है अतः यदि आपने यहाँ ब्लॉग बनाया तो निश्चित ही आपकी वेबसाइट को बहुत ही अच्छा लिंक मिलेगा।

Blog Submission की Sites को ही 2.0 submission sites भी कहते है, इसलिए यहाँ आप कंफ्यूज मत होना। Blogger.com, sites.google.com,tumblr.com, wordpress.com, wix.com इत्यादि ब्लॉग सबमिशन की वेबसाइट है, जहाँ आप अपनी वेबसाइट के लिए ब्लॉग बना सकते है।

12) Article Submission

Article Submission भी कुछ कुछ ब्लॉग सबमिशन जैसा ही है इसमें आपको Article Submission की वेबसाइट पर जाके Article Submit करना होता है। Article Submission की वेबसाइट पर अच्छी Quality का Article सबमिट करे तभी वो वेबसाइट आपके आर्टिकल को स्वीकारेगा जिसके बाद आपकी वेबसाइट को एक High Authority Do Follow लिंक मिल जायेगा।

कृपया ध्यान दें: - कोशिश करे की High Authority Do Follow Article Submission Website पर ही Article Submit करे। Do Follow/ No Follow Link क्या है और कैसे चेक करे? यह जानने के लिए निचे दी गयी विडिओ को पूरा अवश्य देखे।
महत्वपूर्ण: - दोस्तों लिंक सबमिशन का यह मतलब नहीं है की आप किसी भी वेबसाइट पर जैसे तैसे लिंक सबमिट कर दे ऐसा करके आप सर्च इंजन के नियम को तोड़ देंगे, अतः एक अनुपात के साथ सही तरीके से काम करे। लिंक सबमिट करते समय आपका उद्देश्य केवल उस वेबसाइट से लिंक लेना नहीं होना चाहिए बल्कि उस वेबसाइट पर अपने वेबसाइट को अच्छी तरह से प्रेजेंट करना होना चाहिए।

निष्कर्ष: - दोस्तों इस पोस्ट को पढ़के आप समझ ही गए होंगे की SEO करते समय कितनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन आपको घबराना नहीं है सुरुवाती दिनों में कोई भी सफल नहीं हो जाता है उसे अपने काम में मन लगाना पड़ता है और साथ ही समय भी देना पड़ता है। अतः आपसे उम्मीद है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप भी अपने वेबसाइट को एक नई उच्चाईयो पर पंहुचा पाएंगे। आप मन लगाकर और कड़ी मेहनत के साथ 3 से 6 महीने किसी एक वेबसाइट पर काम काम कीजिये, आपको परिणाम नज़र आने लगेंगे।

इसके साथ ही एक बात का और ध्यान रखिये की केवल पढ़ के कोई भी सफलता को नहीं पा सकता इसके लिए उसे प्रैक्टिकल भी करना होगा। इस पोस्ट को पढ़ने के बाद इसे अपनी असल जिंदगी में अपनाये। यदि आप SEO के फील्ड में नए है तो ब्लॉग बनाये और उसपे ब्लॉग सबमिट करके उसका SEO करे और सीखे, इसके लिए Blogger और WordPress अच्छी वेबसाइट है। इस पोस्ट को पढ़ने के बाद यदि आपने प्रैक्टिकल नहीं किया तो आपको इस पोस्ट को पढ़ने का 10 प्रतिशत भी फायदा नहीं मिलेगा। इसलिए इस पोस्ट को पढ़ने के बाद इन सभी तथ्यों का प्रैक्टिकल रूप से प्रयोग अवश्य करे।

आशा करता हूँ आप लोगो को ये (SEO in Hindi)  नामक पोस्ट पसंद आया होगा, यदि आप किसी भी प्रकार की SEO से सम्बंधित जानकारी चाहते है तो Comment Box में अपना Question लिखे, आपको जल्द ही Answer मिल जायेगा, धन्यवाद।

Gmail ID के फूल हो जाने पर क्या करे? - पूरी जानकारी हिंदी में पढ़िए।

What to do if the Gmail ID is full
दोस्तों ये Gmail ID से सम्बंधित महत्वपूर्ण लेख है, इसे पूरा पढियेगा ये समझने के लिए की यदि Gmail ID Full हो जाये तो क्या करे। Gmail ID फुल का फूल होना कॉमन सी बात है, दरसल Companies में क्या होता है की एक Member को ही बहुत सारा काम Gmail ID से करना पड़ता है। एक वक़्त ऐसा आता है की Gmail ID फूल हो जाती है ऐसे में हम Gmail ID का दूसरा अकाउंट बना लेते है। परन्तु दोस्तों ऐसे करने से जो लोग आपके Gmail ID से Connected होते है फिर उन सभी को नए Gmail ID से अवगत कराना पड़ता है। ऐसे समस्याओ से बचने के लिए पूरा पोस्ट अवश्य पढ़े।

Gmail ID के फुल हो हो जाना पर निचे दिए गए Steps का अनुशरण करे।

मान लीजिये आप किसी Gmail ID को सालो से Use कर रहे है और अचानक बहुत सारे Mail आने से वो फुल जाती है ऐसी स्थिति में आप दूसरा Gmail Account भी नहीं बना सकते क्युकी आपको पहले वाली Gmail Account के नाम की जरुरत है। ऐसे में आप Gmail के बहुत सारे Mail को डिलीट कर सकते है पर यदि सभी डाटा जरुरी हुआ तो क्या करेंगे आप? दोस्तों यही जानकारी मै आपको अपने इस पोस्ट में बताने जा रहा हूँ। ये समस्या ज्यादातर ऑफिसेस में होता है, वहा Employees के Mail ID पर बहुत से Mail आते है और Mail Box बहुत जल्दी फुल हो जाता है, ऐसे में ये उनके लिए एक समस्या बन जाता है।

आप चाहे तो Gmail ID में पेसो की मदद से अपने Gmail का Storage भी बढ़वा सकते है, लेकिंग यहाँ मै आपको बताऊंगा की Free में कैसे आप अपने Gmail ID को खाली करे। मेरे इस ट्रिक से आपका डाटा भी सुरक्षित रहेगा और आप जब चाहे उसे चेक कर सकते है। निचे दी गयी जानकारियों को पढ़े और उन्हें Follow करे।

1 - सबसे पहले Microsoft पर अपना Account बनाये।

Outlook
दोस्तों सबसे पहले आपको "https://outlook.live.com/" पर जाना होगा और एक Outlook/Hotmail का Account बनाना होगा।

2 - उसके बाद आउटलुक/हॉटमेल के सेटिंग पर जाये,

Outlook Setting
अब आप Setting के ऑप्शन पर जाये और "View All Outlook Setting" पर क्लिक करे।

3 - उसके बाद Setting के Option को ओपन करे।

Gmail Connected
आउटलुक के सेटिंग में आपको चार ऑप्शन दिखेंगे जिनमे से आपको "Mail" वाले ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। यहाँ भी आपको बहुत से ऑप्शन दिखेंगे जिनमे से आपको "SYNC Email" पर क्लिक करना होगा। यहाँ आपको Gmail के Icon पर क्लिक करके अपने जीमेल अकाउंट को ऐड करना होगा।

4 - उसके बाद अपना जीमेल अकाउंट ऐड करे।

Connect Your Gmail Account
जीमेल के आइकॉन पर क्लिक करने के बाद आपको "Display Name" में आपने जिस नाम से जीमेल अकाउंट बनाया है वो नाम लिखना होगा। इसके साथ ही ऊपर "Image" में जिन ऑप्शन पर क्लिक किया गया है आप भी उन्ही पर क्लिक करे। अब "OK" पर क्लिक करे (दोनों ऑप्शन में पहले ऑप्शन को चुने)। जैसे ही आप "OK" बटन पर क्लिक करेंगे वैसे ही आप Microsoft के द्वारा जीमेल के Sign in पेज पर Redirect हो जायेंगे। जहाँ आपको अपना जीमेल अकाउंट लॉगिन करना होगा। जिसके बाद आपका जीमेल Hotmail/Outlook अकाउंट से Connect हो जायेगा। अब आपके जीमेल का सारा डाटा 24 Hours में आउटलुक पर अपलोड हो जायेगा।

6 - उसके बाद आपको अपना जीमेल अकाउंट Hotmail से डिलीट करना होगा।

Delte Gmail Account
दोस्तों यह ध्यान देने वाली बात है, की अब आपको अपना जीमेल अकाउंट आउटलुक से Disconnect करना होगा। 24 घंटे के आसपास आपके जीमेल का सभी Data Outlook पर Upload हो जायेगा, अब सभी Data के Upload हो जाने के बाद आपको अपना जीमेल अकाउंट आउटलुक से Disconnect करना होगा, और उसके बाद ही आपने जीमेल का Data  को डिलीट करे। यदि ऐसा नहीं किया तो आउटलुक से जीमेल कनेक्ट होने के कारण आउटलुक से भी डेटा डिलीट हो जायेगा। अतः जीमेल अकाउंट Disconnect अवश्य करे। अब कभी भी आपको यदि कोई मेल चेक करना हो तो आप ऑउटलूक अकाउंट को Login करके देख सकते है।

कृपया ध्यान दे: - दोस्तों इस पोस्ट से आपने सीखा की कैसे अपने जीमेल अकाउंट को आउटलुक से कनेक्ट करे? दोस्तों जीमेल अकाउंट के आउटलुक से कनेक्ट करने का मतलब एक ही है वो है आपके जीमेल के सभी Data के सुरक्षित आउटलुक के अकाउंट पर अपलोड करना। यदि आपके जीमेल के सभी Important Data आउटलुक पर अपलोड हो जाये तो निश्चित रूप से आप अपने जीमेल अकाउंट पर से सभी डाटा को डिलीट कर पाएंगे, क्युकी अब आपके जीमेल का सारा डाटा आउटलुक पर सुरक्षित है।

महत्वपूर्ण: - दोस्तों एक बात का ध्यान रखे की आपने अपने जीमेल के सभी डाटा को आउटलुक पर सही ढंग से चेक कर लिया है। एक बार आप सुनिश्चित कर ले की आपके जीमेल का सभी डाटा आपने आउटलुक पर अपलोड कर लिया है। उसके बाद ही अपने जीमेल अकाउंट को आउटलुक पर से Delete करे। इस Processs में कभी कभी 24 Hours से ज्यादा का भी समय लग जाता है।

अब यदि आपके मन में इस पोस्ट से सम्बंधित कोई भी Questions है तो कमेंट में लिखे आपको जल्द ही Answer मिल जायेंगे, धन्यवाद।

पेशवा बाजीराव (Peshwa Bajirao-1) का सम्पूर्ण इतिहास, जीवनी और उपाधियाँ हिंदी में पढ़िए।

Peshwa Bajirao-1
दोस्तों पेशवा बाजीराव (18 अगस्त, 1700 ई - 28 अप्रॅल, 1740 ई) एक महान सेनानायक थे इसमें कोई शक नहीं। उन्होंने कभी कोई भी युद्ध नहीं हरा था वो एक अजय योद्धा थे जिन्हे न तो हारने का डर था और ना ही मौत का। पेशवा बाजीराव ((Peshwa Bajirao-1)) जी ने मराठा साम्राजय के विस्तार में अपने जीवन को नौछावर कर दिया। उनके किये गए महान कार्यो को हम हमेशा याद करते रहेंगे, वो हमेशा हमारे दिल में अमर रहेंगे। आइये जानते है इन महान आत्मा के बारे में विस्तार से। बाजीराव प्रथम की सच्ची कहानी जो आपके रूह में साहस और देशभक्ति को भर देगा।
पूरा नाम (Full Name) बाजीराव बल्लाल भट्ट
शासन (Governance) मराठा साम्राज्य
शासन काल (Reign) 1720-1740 ई.
पूरा नाम (Full Name) बाजीराव बाळाजी भट (पेशवे), बाजीराव प्रथम
पिता (Father) बाळाजी विश्वनाथ पेशवा
माता (Mother) राधाबाई
उपाधियाँ (Titles) राऊ, श्रीमंत, महान पेशवा , हिन्दू सेनानी सम्राट
जन्म (Born) १८ अगस्त १७०० (18 अगस्त, 1700 ई.)
मृत्यु (Death) २८ अप्रैल १७४० (28 अप्रॅल, 1740 ई.)
मृत्यु स्थान (Death Place) रावेरखेडी, पश्चिम निमाड, मध्य प्रदेश
समाधी (Trance) नर्मदा नदी घाट, रावेरखेडी
पूर्वाधिकारी (Predecessor) बाळाजी विश्वनाथ पेशवा
उत्तराधिकारी (Successor) बाळाजी बाजीराव पेशवा
जीवन संगी (Life companion) काशीबाई, मस्तानी
संतान (Children's) बालाजी बाजीराव, रघुनाथराव
विकिपीडिया लिंक (Wikipedia Link) क्लिक करे

पेशवा बाजीराव (Peshwa Bajirao-1) का जन्म - कहाँ, कब और कैसे?

महान सेनानी पेशवा बाजीराव जी का जन्म १८ अगस्त १७०० (18 August 1700) को कोकणस्थ चितपावन ब्राह्मण वंश के भट परिवार में हुआ था। बाजीराव जी जन्म से ही बहुत साहसी और हिम्मती थे, इन्होने सुरु से ही अपने पिता जी से सेनानायक के सभी गुण सीखे थे। बहपन से ही ये घुड़सवारी और तलवार बाजी में अति निपुण थे।

पेशवा बाजीराव (Peshwa Bajirao-1) का निजी जीवन

पेशवा बाजीराव की बचपन में ही शादी हो गयी थी, उनकी पहली पत्नी का नाम काशीबाई था जिनसे उनको तीन पुत्र प्राप्त हुए थे, जिसमे बालाजी बाजी राव को बाजीराव जी की मृत्यु के पश्चात पेशवा चुना गया था। इनकी दूसरी पत्नी जिनसे वो बेहद प्रेम करते थे उनका नाम था मस्तानी, जो बुंदेलखंड के राजा छत्रसाल की बेटी थी। बाजीराव ने उनके लिए पुणे के पास एक महल भी बनवाया जिसका नाम उन्होंने मस्तानी महल रखा। सन 1734 ईस्वी में बाजीराव और मस्तानी का एक पुत्र हुआ था जिसका नाम उन्होंने कृष्णा राव रखा था।

पेशवा बाजीराव (Peshwa Bajirao-1) द्वारा किये गए महान कार्य और अभियान

पेशवा बाजीराव जी बाळाजी विश्वनाथ पेशवा और राधाबाई जी के बड़े पुत्र थे। चौथे छत्रपति शाहूजी महाराज ने बालाजी विश्वनाथ की मृत्यु हो जाने के बाद इन्हे अपना दूसरा पेशवा (1720-1740 ई.) नियुक्त किया था।. ये कभी भी किसी युद्ध में पराजित नहीं हुए, अतः लोग इन्हे प्रेम से अपराजित हिन्दू सेनानी सम्राट भी कहते थे। बाजीराव जी ने बहुत से अभियानों का नेतृत्व किया और उन सभी में विजय हासिल की।

बाजीराव प्रथम ने अपनी वीरता व युद्ध-पराक्रम के दम पर हर लड़ाई को जीत लिया। यह बहुत ही कुशल घुड़सवार थे बिलकुल शिवाजी महाराज की तरह। घोड़े पर बैठे-बैठे ही भाला चलाना, बनेठी घुमाना, बंदूक चलाना, यह सब उनके बाएँ हाथ का खेल था। घोड़े पर बैठकर बाजीराव के भाले की फेंक इतनी अचूक और जबरदस्त होती थी कि उनके सामने वाला घुड़सवार अपने घोड़े के सहित घायल होकर गिड़ जाता था। इसी साहस के दम पर इस मराठा सिपाही ने भारत के बहुत से क्षेत्रों को जीत लिया। यदि हम इनके कार्यो को गिनेंगे तो शायद इस पोस्ट की लिमिट ख़तम हो जाये, परन्तु इनके महान कार्य ख़त्म नहीं होंगे। इन्हे क्षत्रपति शिवाजी का अवतार भी कहाँ जाता है, क्युकी इनकी फुर्ती और युद्ध कौशल शिवाजी से बिलकुल मिलती है, आइये जानते है इनके द्वारा किये गए महान कार्य और अभियान।

निज़ाम-उल-मुल्क असफ जह प्रथम के खिलाफ अभियान

पेशवा बाजीराव के अभियानों में से एक था 4 जनवरी, 1721 में निज़ाम-उल-मुल्क असफ जह प्रथम के खिलाफ अभियान। जिसमे उन्होंने कई बार निजाम को समझाया, कई बार समझौते किये लेकिन वो नहीं माना और फिर से से मराठों के अधिकार के खिलाफ डेक्कन से कर वसूलने लगा। अंत में 27 अगस्त सन 1727 में बाजीराव ने निज़ाम के खिलाफ मोर्चा शुरू किया और निज़ाम के कई राज्यों जैसे जलना, बुरहानपुर, और खानदेश को अपने कब्जे में कर लिया।

इसके बाद भी निज़ाम नहीं माना तो बाजीराव जी ने 28 फरवरी, 1728 को युद्ध की घोषणा की और उसके बाद बाजीराव और निज़ाम की सेना के बिच एक भयंकर युद्ध हुआ जिसे ‘पल्खेद की लड़ाई’ कहां जाता है। इस युद्ध में निज़ाम की सेना का सम्पूर्ण विनास हो गया और निज़ाम की हार हुई। जिससे उस पर मजबूरन शांति बनाये रखने के लिए दवाब डाला गया। क्युकी वह युद्ध हार चूका था इसीलिए उसे अपनी जान बचानी थी तो उसे अपने आप को सुधारना पड़ा और बाजीराव की बात माननी पड़ी।

मालवा का अभियान

यह अभियान 1723 में दक्षिण में मालवा के खिलाफ हुआ था यह अभियान बाजीराव के लिए बहुत ही खास था। क्युकी इसमें मराठा के प्रमुख रानोजी शिंदे, मल्हार राव होलकर, उदाजी राव पवार, तुकोजी राव पवार, और जीवाजी राव पवार थे, जिन्होंने इस अभियान को सफलतापूर्वक सफल बनाया। अक्टूबर 1728 में बाजीराव ने एक विशाल सेना इकट्ठा की और अपने छोटे भाई चिमनाजी अप्पा के नेतृत्व में उसे मालवा भेजा जिसमे कुछ प्रमुख मराठा सेनानी जैसे शिंदे, होलकर और पवार थे। 29 नवम्बर 1728 को चिमनाजी के नेतृत्व वाली सेना ने मुग़लों को अमझेरा में हरा दिया और इसी प्रकार से उन्होंने मराठी हिन्दुओं की मदद से गुजरात राज्य को पूरी तरह से जीत लिया।

बुंदेलखंड का अभियान

बुंदेलखंड के महाराजा छत्रसाल ने मुग़लों के खिलाफ विद्रोह छेड़ दिया था, इसी कारण से दिसम्बर 1728 में मुग़लों ने मुहम्मद खान बंगश के नेतृत्व वाली सेना की मदद से बुंदेलखंड पर आक्रमण कर दिया और उनके परिवार के लोगों को बंधक बना लिया था। महाराजा छत्रसाल की बेटी मस्तानी ने बाजीराव से बार बार मदद मांगी जिसके जवाब में बाजीराव ने सन 1729 में अपनी सेना सहित मुगलो पर आक्रमण कर दिया और महाराजा के परिवार को छुड़ाया और उनका सम्मान वापस दिलाया।

इसके बदले में महाराजा बाजीराव को बहुत कुछ देना चाहते थे लेकिन बाजीराव ने वो सब लेने से मना कर दिया क्युकी उन्हें मदद का अहसान नहीं चाहिए था। लेकिन फिर भी महराज ने उनके सम्मान में उन्हें बुंदेलखंड का एक बहुत बड़ा जागीर सौंपा जिसे न चाहते हुए भी उन्हें लेना पड़ा। इसके साथ साथ महाराजा छत्रसाल ने अपनी मृत्यु 1731 से पहले अपने कुछ मुख्य राज्य को भी मराठो को सौंप दिया था। आपको बता दे की इसी अभियान के तहत महाराजा ने बाजीराव से अपनी बेटी मस्तानी का विवाह भी करवाया था।

दिल्ली अभियान

पेशवा बाजीराव प्रथम को पहले से ही पता था की मुग़ल साम्राज्य का अंत निकट है, इसीलिए उन्होंने महाराष्ट्र के बाहर के और हिन्दू राजाओं की सहायता से मुग़ल के साम्राज्य के स्थान पर 'हिन्दू पद पादशाही' को बनाने की योजना बनाई थी। इसी कारण से उन्होंने मराठा के सेनाओं को उत्तर भारत की ओर भेजा। जिससे पतन की ओर जा रहे मुग़ल साम्राज्य की जड़ पर अन्तिम हमला किया जा सके। बाजीराव पेशवा प्रथम ने मराठा की शक्ति के प्रदर्शन के लिए 29 मार्च, 1737 को दिल्ली पर हमला बोल दिया था। जिसके परिणाम स्वरूप मुग़ल शहंशाह मुहम्मदशाह ने सआदत खान को उन्हें रोकने को कहा। जिसमे उन्होंने उसे हराया जिसके कारन मात्र तीन दिन के अंदर दिल्ली प्रवास के दौरान उनके डर से मुग़ल बादशाह मुहम्मदशाह दिल्ली तक को छोड़ने के लिए तैयार हो गया था।

पुर्तगालियों के खिलाफ अभियान

पुर्तगालियों ने भारत के कई पश्चिमी तटों पर कब्ज़ा कर लिया था। साल्सेट द्वीप पर उन्होंने अवैध तरीके से एक फैक्ट्री भी बनवा लिया था। मार्च 1737 में पेशवा बाजीराव ने अपनी सेना की एक टुकड़ी को चिमनाजी अप्पा के नेतृत्व में पश्चिमी तटों की ओर भेजा। चिमनाजी ने पुर्तगालियों से भीषण युद्ध किया जिसे वसई का युद्ध कहाँ जाता है, जिसमे उनकी सेना ने थाना किला और बेस्सिन पर कब्ज़ा कर लिया और इस तरह से उन्होंने पुर्तगालियों को वहाँ से खदेड़ दिया।

पेशवा बाजीराव (Peshwa Bajirao-1) की मृत्यु कब और कैसे?

ये मान्यता है की पेशवा बाजीराव को उनकी दूसरी पत्नी मस्तानी से दूर कर दिए गया था जिसका सदमा वो बरदास न कर सके। इसके अलावा वो काफी दिनों ने बीमार भी चल रहे थे इसी कारण से 28 अप्रैल 1740 को जिस समय वो इंदौर के पास खर्गोन शहर में रुके हुए थे अचानक दिल का दौरा पड़ा और उनकी मृत्यु हो गयी। मराठा साम्राज्य के लिए ही नहीं पुरे भारतवर्ष के लिए ये दिन बहुत दुखी का था, क्युकी हमने अपने महान सिपाही को खो दिया था। आज भी भारत के इस वीर और अमर सपूत को हमेशा याद किया जाता है। इन्होने हमे अपने अदम्य साहस का परिचय दिया था, अपने लिए तो सभी जीते है लेकिन जो देश के लिए जीता है असल में वही सम्मान का हक़दार होता है।

इसे भी पढ़िए: - संजय लीला भंसाली की फिल्म बाजीराव मस्तानी के माध्यम से पेशवा बाजीराव (Peshwa Bajirao-1) को इतिहास ने फिर से याद किया है। इनके साथ बाकि के योद्धाओ की तरह इन्साफ देर से किया गया, लेकिन ख़ुशी की बात ये है की आज सभी इस वीर योद्धा की वीरता का बखान करते है और सच्चे दिल से इनका स्मरण करते है।

पेशवा जी के बारे में ये कुछ सुनहरे शब्द है जिसे मैंने फेमस हिंदी के माध्यम से आपको बताने की कोशिश की है। आशा करता हूँ आपको यह पोस्ट पसंद आया होगा, धन्यवाद।

पानी पीने के अद्भुत फायदों को हिंदी में जाने।

Benefits of Drinking Water
दोस्तों हम सभी जानते है की पानी पीना हमारे लिए कितना जरुरी है। कहा भी गया है की "जल ही जीवन" है। पानी का हमारे शरीर में 70% हिस्सा है इसी से आप समझ सकते है की बिना पानी के जीवन की हम कल्पना भी नहीं कर सकते है। शुद्ध पानी आज हम सब की जरुरत है जो आज हम सभी को नहीं मिल रहा है इसलिए हमे जागरूक होने की आवश्यकता है जिससे हम पानी के होने वाले नाश को रोक सके। आइये पानी पीने के फायदों (Benefits of Drinking Water) को विस्तार से जानते है।

पानी पीने के फायदे | Benefits of Drinking Water

बचपन से ही हम यह जानते है की कोई भी जिव बिना खाये कुछ दिनों तक रह सकता है पर बिना पानी के नहीं रह सकता। पानी हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है यह हमारे पाचन-तंत्र को नियंत्रण करता है जिससे हमारा पाचन शक्ति सही रहता है। मानसिक विकाश भी पानी पिने के कारण ही मुमकिन है यह पढ़के तो आप जान ही गए होंगे की पानी हमारे लिए कितना जरूरी है। पानी को हिन्दुओ में पूजा जाता है, हिन्दू पानी को भगवान् मानते है और मानना भी चाहिए क्युकी यही हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण भाग है, हमारे शरीर का हर हिस्सा पानी से मिलकर बना है।

पानी एक वरदान है यही जीवो की उत्पति का कारण भी है। दोस्तों पानी का सदुपयोग ही हमारे आगे आने वाले वंश को बचा सकती है। आज की दुनिया में लोग पानी को ऐसे बहते है जैसे ये उनके पुरखो ने उन्हें इनाम में दिया हो। पानी के महत्व को समझिये और इसका संचय कीजिये अपने हिस्से का एक पेड़ लगाए और पानी का कम से कम उपयोग करे तो ही यह बच सकता है। पानी ही हमारा वास्तिक नायक है, इसी से हमे सुंदरता मिलती है इसी से हमारा खून बनता है यही हमे बहुत सारी बीमारियों से भी बचाता है, चलिए अब पानी के फायदों (Benefits of Drinking Water) के बारे में विस्तार से जानते है।

1) स्वस्थ रहने का राज

हर रोज आप सुबह उठाकर 2 गिलाश पानी पिए ये आपके Immune System को तो मजबूत करता ही है साथ ही साथ सुबह उठकर पानी पिने से कब्ज जैसी खतरनाक बीमारी से भी बचे रह सकते है और आप अपना पाचन तंत्र भी सही रख सकते है। अतः आप सुबह-सुबह पानी पिने की आदत को अपनाये और स्वस्थ जीवन जिए।

2) मोटापे से बचने का उपाय है पानी

अगर आप प्रतिदिन 8 से 10 गिलास पानी पीते है तो मोटापा आपको छू भी नहीं सकता। यदि आपमें मोटापा है तो चिंता न करे बस रोज सुबह उठकर खाली पेट पानी पिए कुछ दिनों बाद आप पाएंगे की आपका मोटापा धीरे धीरे कम हो रहा है।

3) दवाओं से छुट्टी

अगर कभी आपको सर दर्द होता है तो आप डॉक्टर के पास जाते होंगे या मेडिकल से दवा लेते होंगे। परन्तु मैं आपको बताना चाहूंगा की 90 फीसदी सर दर्द और पीठ का दर्द पानी कम पिने के कारण ही होता है। अगर कभी आपको ऐसी परेशानी हो तो आप कुछ गिलास पानी पिए आपको सर दर्द से व बदन दर्द से राहत मिलेगी क्युकी ये बीमारिया पानी कम पिने के कारण ही होती है। अतः दिन में कम से कम दो से चार लीटर पानी अवश्य पिए। जो लोग नियमित पानी का उचित मात्रा में सेवन करते है उन्हें बीमारिया नहीं होती है और वो अपना जीवन हर्षोउल्लाश के साथ बिताते है।

4) जवान रहने का उपाय है पानी

आपको बताना चाहूंगा की पानी पीना आपकी खूबसूरती में चार चाँद लगा सकता है। अगर आप रोज 8 से 10 गिलास पानी पीते हो तो आप हमेशा जवान दिखेंगे और कोई भी आपके उम्र का सही अंदाजा नहीं लगा पायेगा। पानी पिने से त्वचा को नमि मिलती है जिससे हम युवा दीखते रहते है। दोस्तों पानी एक औसधि है जिसका नियमित रूप से प्रयोग आपके लिए एक वरदान साबित हो सकता है। पानी हमारे तवचा के कोशिकाओं को ऑक्सीज़न पहुँचता है जिससे ये ऊर्जावान रहते है जिसके कारण चेहरा चमकाने लगता है। शुद्ध जल का सेवन करने वाले हमेशा आत्मविश्वाशी होते है और अपने सपनो को भी पूरी लगन से पा लेते है।

5) थकान को दूर करे

दोस्तों थकान जैसी परेशानिया भी पानी कम पिने के कारण ही होती है। जब आप को थकान महसूस हो तब आप ठंढे पानी के छींटे अपने मुँह पे मारे इससे आपको आराम मिलेगा और आपका थकान शीध्र ही दूर हो जायेगा। यदि आपको रात में अच्छी नींद नहीं आ रही है और दिन में आपको नींद आ रहा है तो आप को जानना चाहिए की नींद की समस्या भी कम पानी पिने वालो को ही होती है, इसलिए पानी का उचित मात्रा में उपयोग करे और सुखी जीवन जिये।

एक दिन में कितना पानी पियें?

दोस्तों पानी एक तरफ वरदान है तो इसे ज्यादा पिने से आपको कई बीमारिया भी हो सकती है। इसलिए पानी पिने की एक सिमा है। अगर आप सिमा के अंदर पानी पिएंगे तो निश्चित रूप से ये आपके लिए फायदेमंद साबित होगा, लेकिन ज्यादा पानी पीना आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। अतः आप दिन में 2-3 लीटर (7-8 गिलास) ही पानी पियें, और हो सके तो गर्म पानी पियें क्युकी हमारा शरीर पानी के पेट में जाते ही उसे गर्म करता है फिर शरीर के बाकि हिस्से तक पहुँचता है। इसलिए गर्म पानी पिने से शरीर को पानी गर्म नहीं करना पड़ेगा जिससे ये अतिशीघ्र ही शरीर के बाकि हिस्से को फायदा पहुँचायेगा। अतः पानी का प्रयोग दायरे में करे और नियमित रूप से करे फिर देखे इसके फायदे।

पानी कब और कैसे पिए?

दोस्तों पानी पिने का एक तरीका होता है, खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए। पानी को बैठ के पियें और धीरे धीरे पियें, एक ही सांस में पुरे बोतल को खत्म न करे, बल्कि एक बार में उतना ही पानी पियें जितने की जरुरत हो। जरूरत से ज्यादा पानी एक बार में न पियें, पानी को मुँह में लेकर थोड़ा सा रुककर पियें जिससे आपके मुँह का लाड़ भी पानी से मिल जायेगा, जिससे पेट के एसिड को ये नियंत्रित करेगा। दोस्तों खाना खाते वक़्त पानी का प्रयोग न करे, खाना खाने से 40 मिनट पहले या बाद में पानी पियें। खाना खाते वक़्त पानी पिने की आदत को छोड़े। इसके साथ ही बहुत ठंडा पानी न पियें जैसे फ्रिज से तुरंत निकालकर पानी न पियें और हो सके तो फ्रिज के पानी को Ignore करे। दोस्तों इन आदतों को अपनाकर पानी निश्चित रूप से आपके लिए फायदेमंद होगा।

तो आज आपने हमारे इस पोस्ट के माध्यम से सुबह खाली पेट पानी पीने के फायदे (Benefits of Drinking Water) को जाना। आशा करता हूँ आपको यह पोस्ट पसंद आया होगा। दोस्तों आपसे एक आग्रह है की पानी का दुरूपयोग न करे पानी को हमेशा बचाने की कोशिश करे, हम-आप मिल कर ही पानी के दुरूपयोग को रोक सकते है, धन्यवाद।

सुबह जल्दी उठने के 5 अद्भुत फायदों को हिंदी में जाने।

5 Amazing Benefits of Waking Up Early
दोस्तों आज के ज़माने में नींद किसे प्यारी नहीं है, लेकिन यकीन मानिए जल्दी उठने के 5 अद्भुत फायदे (5 Amazing Benefits of Waking Up Early) को जानने के बाद आप कभी भी सोने में समय बर्बाद नहीं करेंगे। शरीर को आराम चाहिए इसीलिए हम सोते है परन्तु ज्यादा देर की नींद आपको नुकसान पंहुचा सकती है, इसलिए जल्दी उठने के आदत को अपना ले और एक खुशहाल जीवन का आनंद ले।

जल्दी उठने के 5 अद्भुत फायदे (5 Amazing Benefits of Waking Up Early)

आज मै बात करूँगा पांच ऐसे फायदों के बारे जो आपको सुबह उठने के लिए मजबूर कर देंगे। थोड़ी सी मेहनत इंसान के जीवन को खुशहाल कर सकती है, उठने की आदत इतनी मुश्किल भी नहीं है। यदि आपने उठने के फायदों को जान लिया तो सुबह लेट तक सोना छोड़ देंगे। दोस्तों आजकल की जिंदगी में हम लेट रात तक जागते है इसी कारण देर तक सोते भी है। यही आदते है जो हमे हमारे लक्ष्य से भटकाते है, यही नहीं दोस्तों लेट उठने के कारण हमारा तन और मन भी अच्छा नहीं रहता है। यदि हम सुबह उठते है तो यह एक बहुत अच्छी आदत होगी। चलिए निचे जानते है जल्दी उठने के 5 अद्भुत फायदों (5 Amazing Benefits of Waking Up Early) को जिन्हे जान के आप जल्दी अवश्य उठेंगे।

1) ऊर्जा को बढ़ता है।

दोस्तों हम यह सभी से सुनते है की सुबह हमे जल्दी उठना चाहिए, क्या आपने कभी यह जानने की कोशिश है की लोग ऐसा क्यों बोलते है? लोग ऐसा इसीलिए बोलते है क्युकी वो सुबह जल्दी उठने के अद्धभुत फायदों को भली भाती जानते है। वो जानते है की सुबह जितना जल्दी उठेंगे उतनी ही देर तक ऊर्जावान बने रहेंगे। अगर आप देर से उठते हो तो आपको शाम के समय आलस जैसा लगता होगा, ऐसा इसीलिए होता है क्युकी देर से उठने से शरीर को वह ऊर्जा नहीं मिलती जो सुबह जल्दी उठने वालो को मिलती है।

यदि आप सुबह जल्दी उठेंगे तो पूरा दिन आपका ऊर्जायुक्त रहेगा। आप जितनी जल्दी अपने दिन की सुरुवात करते हो उतना ही ज्यादा फायदा पाते हो, इसलिए सुबह जल्दी उठने की आदत को अपनाये और जीवन को खुशहाल बनाये। दोस्तों सुबह उठने के बाद यदि आप व्यायाम करते हो तो यह आपके जल्दी उठने में चार चाँद लगा देगा। इसलिए जानिए व्यायाम करने के 10 गज़ब फायदों ((Morning Exercise Benefits in Hindi)) को भी अवश्य जानिए।

2) समय की बचत होती है।

दोस्तों हम सभी जानते है की हमारा समय कितना कीमती है, इसलिए देर तक सोके अपने कीमती समय को बर्बाद ना करे। यदि आप सुबह जल्दी उठते है तो आप अपना सारा काम समय के साथ कर सकते है। परन्तु यदि आप लेट उठते है तो आपका कोई न कोई काम छूट ही जाता होगा और आप हर रोज यह कह के टाल देते होंगे की यह काम कल कर लूंगा/लुंगी और शायद कल के चक्कर में वो काम होता ही ना होगा। दोस्तों यदि आप जल्दी उठेंगे तो आपका पूरा दिन ताज़गी से भरा रहेगा और आप अपने सभी काम को समय से पूरा कर लेंगे इसके साथ ही कल करूंगा की आदत को छोड़ देंगे और इस तरह से अपने कीमती समय को नष्ट होने से बचा लेंगे।

3) दिमाग तेज़ होता है।

सुबह उठने से हमारा दिमाग ज्यादा तेज़ हो जाता है क्युकी सुबह के समय सभी तरफ शांति होती है और हवा भी बहुत साफ़ होता है, तो यह समय पढ़ने के लिए बहुत ही उत्तम है। आप सुबह जल्दी उठकर जो चीज देखते है दिमाग उस चीज को बहुत ध्यान से याद रखता है। आप बाकि की चीजे भूल भी जाओगे पर आपने जो सुबह देखा या सुना होगा वो आप जल्दी नहीं भूल पाते होंगे। हमारा दिमाग सुबह की बाते या कोई और काम बहुत जल्दी और अच्छे से याद रखता है, इसलिए सुबह उठने की आदत को स्वेच्छा से अपनाये।

 4) अच्छे से दिन की सुरूवात होती है।

दोस्तों सुबह का वक़्त हो और ताजगी ना हो ये कैसे हो सकता है, ये ताज़ा हवाएं आपकी पुरे दिन को मजेदार बना देंगे। दोस्तों पुरे दिन वाहनों के कारण लगभग वातावरण दूषित रहता है, लेकिन सुबह के वक़्त हवा बहुत साफ़ रहता है। अतः सुबह की ताज़ा हवा का शुद्ध ऑक्सीज़न आपके पुरे दिन को तरोताज़ा कर देगा। इसलिए यदि आप चाहते है की आपका पूरा दिन अच्छी तरह से बीते तो सुबह उठने की आदत को जरूर अपनाये। दोस्तों अगर आप स्टूडेंट है तो ये आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है क्युकी अगर आप लेट उठते हो तो पढ़ने में बहुत सारी परेशानिया आती होगी जैसे ट्रेफिक, मोहल्ले में सोर, अपने घर में सोर, इत्यादि परन्तु यदि आप सुबह उठते है तो आपको ऐसे परेशानियो का सामना नहीं करना होगा और आप अपनी सभी कामो को शांति से कर पाएंगे अतः सुबह शीघ्र उठे।

5) मानसिक और स्वास्थिक विकाश होता है।

दोस्तों लेट सोना और उठना दोनों ही आपके सेहत और दिमाग पर असर डालते है। अगर आप लेट सोते हो तो लेट उठते भी होंगे इससे हमारी नींद पूरी नहीं हो पाती है और पूरा दिन आलस में बीतता है। इसलिए यदि आप जल्दी सोयेंगे तो जल्दी उठ भी पाएंगे और आपका समय भी बचेगा इससे आपको नींद भी अच्छी आएगी जिसके कारण आपका मानसिक और स्वास्थिक दोनों रूप से लाभ होगा। हमारे पूर्वज भी सुबह उठते थे जिसके कारण उन्होंने लम्बा और सुखद जीवन जिया। जो लोग सुबह जल्दी नहीं उठते उन्हें मानसिक बीमारिया भी घेरि रहती है अतः सुबह उठने की आदत को स्वीकारे। एक बार सुबह उठने का प्रयत्न अवश्य करे, फिर देखे इससे होने वाले लाभों को।

तो दोस्तों आज हमने जाना की सुबह जल्दी उठने से क्या-क्या फायदे हो सकते है, आशा करता हूँ की आपको यह पोस्ट (5 Amazing Benefits of Waking Up Early) पसंद आया होगा, धन्यवाद।

सुबह व्यायाम करना इतना जरुरी क्यों हैं? - फायदे जानकार दंग रह जायेंगे।

Morning Exercise Benefits in Hindi
आज हम "Morning Exercise Benefits in Hindi" के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे और समझेंगे। दोस्तों हमारे शरीर के लिए व्यायाम करना बेहद जरुरी है। व्यायाम करने से शरीर को एक ऊर्जा मिलती है जो हमारे शरीर को बीमारियों से दूर रखता है। दोस्तों व्यायाम का असर केवल तन पर ही नहीं होता बल्कि इसका असर मन पर भी होता है। प्रातः व्यायाम करने से आलस्य दूर भाग जाता है जिससे हमे नई दिशा में काम करने के लिए ऊर्जा मिलती है। दोस्तों व्यायाम कोई आलसी नहीं कर सकता है ये भी वही कर सकता है जिसमे जूनून होता है आगे बढ़ने का, कुछ बनने का। इसे भी वही लोग करते है जिनके इरादों में मजबूती है, आलसी इसे मजाक समझते है और एक दिन उनका जीवन ही मजाक बन जाता है। इसलिए Morning Exercise Benefits in hindi को पूरा अवश्य पढ़े।

दोस्तों व्यायाम का इतिहास बहुत प्राचीन है, आदिकाल से ही व्यायाम को बेहद महत्व दिए गया है। व्यायाम को ऋषि मुनि भी अपनी जीवन का एक अभिन्न अंग समझते थे और नियमित रूप से व्यायम किया करते थे, तभी वो वर्षो तक स्वस्थता के साथ जीवित रह पाते थे। दोस्तों हमे प्रतिदिन व्यायाम की आदत को लगानी चाहिए तथा अपने बच्चो को और अपने माता पिता को भी इसका नियमित रूप से प्रयास करने के लिए कहना चाहिए। व्यायाम से तन के द्वार खुलते है जिससे मन को भी शांति मिलती है, अतः व्यायाम का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। मैं आपको इस पोस्ट के माध्यम से व्यायाम करने के 10 अद्धभुत फायदों के बारे में बताऊंगा जिसे जानकर आप खुद को सुबह व्यायाम करने से रोक नहीं पाएंगे।

जानिए व्यायाम करने के 10 गज़ब फायदे (Morning Exercise Benefits in Hindi)

दोस्तों व्यायाम को हमे हमारे दिनचर्या का एक अंग बनाना चाहिए और नियमित रूप से करना चाहिए। इससे हमे वो फायदा मिलता है जिसकी हम कल्पन भी नहीं कर सकते है। हमारे बुजुर्गो ने भी हमे व्यायाम को अपनाने की सलाह दी है क्युकी उन्होंने भी इसका फायदा उठाया है और एक स्वस्थ जीवन बिताया है। व्यायाम करने के वैसे तो बहुत से फायदे है लेकिन मै आपको इस पोस्ट में उन दस फायदों के बारे में बताऊंगा जिन्हे जानके आप व्यायाम करना नहीं भूलेंगे जिससे आप भी इन फायदों को अपना कर एक सुखी और स्वस्थ जीवन जियेंगे।

1) शरीर को स्वस्थ बनाता है।

व्यायाम करने से हमारा शरीर फुर्तीला और मजबूत बनता है। व्यायाम करने से हमारे शरीर में रक्त संचार का प्रवाह सही रूप से होता है, जिससे हम स्वस्थ बने रह सकते है। यह हमारे मांसपेसियों को भी मजबूत बनता है जिससे हम हमेशा फुर्तीला महसूस करते है, फुर्ती और मजबूती के लिए नियमित रूप से व्यायाम करे।

2) रक्तचाप (Blood Pressure) सही रहता है।

व्यायाम करने के बहुत फायदों में से एक फायदा ये भी है की व्यायाम करने से हम रक्तचाप (Bloood Pressure) जैसे रोग से छुटकारा ही नहीं पा सकते अपितु इस रोग को सदा-सदा के लिए अलविदा भी कह सकते है। रकतचाप स्वास्थ के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक होता है इससे हम धीरे धीरे मृत्यु के मुख की और भी जा सकते है। अगर आप इस खतरनाक बीमारी से बचना चाहते है तो आपको व्यायाम सुरु कर देनी चाहिए। व्यायाम से हमारे मांसपेसियों में ऑक्सीज़न का प्रवाह होता है जिससे हम रक्तचाप जैसे बीमारी से बचे रह सकते है। अतः व्यायाम को अपनी दिनचर्या जरूर बनाये।

3) मोटापा परेशान नहीं करता है।

व्यायाम करने से हम अपने बढ़ते वजन से भी छुटकारा पा सकते है, अगर हम प्रति दिन व्यायाम करते है तो मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और कैलोरीज़ जलती है इस प्रकार से हम मोटापे से बच कर अपना मन चाहा शरीर पा सकते है, इसलिए व्यायाम को हलके में न ले और इसे प्रतिदिन करे।

4) तनाव से बचाता है।

एक सर्वे में ये बाद सिद्ध हो गयी है की अगर आप प्रतिदिन 30 मिनट से 1 घंटे तक व्यायाम करते है। तो आप मानसिक तनाव को ख़त्म कर सकते है और अपनी जिंदगी ख़ुशी से बिता सकते है। इससे उम्र की जो रफ्तार है वो भी कम हो जाती है और हमारी आयु ज्यादा हो जाती है। व्यायाम करने से आपका आत्मविश्वास बढ़ता है जिससे तनाव आपसे दुरी बनाये रखता है।

5) ह्दय के रोग से बचाता है।

दोस्तों अगर आपके आस पास या आपके घर में किसी भी सदस्य को हदय की बीमारी जैसा गंभीर रोग हो तो उन्हें आप इस बीमारी से बचा सकते है। आप उन्हें बता सकते है की अगर वह रोज व्यायाम करते है तो वह इस बीमारी से बचे रह सकते है और अपने शरीर को सवस्थ बनाये रह सकते है। आपकी एक सलाह किसी की जान बचा सकती है। अतः अपने घर परिवार के सदस्यों को भी व्यायाम करने की आदत लगवाए, इसकी सुरुवात आप खुद से करे।

6) शुगर रोग से बचाता है।

दोस्तों व्यायाम एक दवा की तरह काम करता है। इसलिए डॉक्टर भी सलाह देते है की व्यायाम करे, इसे करने से मधुमेह जैसी खतरनाक बीमारी की भी रोका जा सकता है तथा खत्म किया जा सकता है। अगर आप रोज 30 मिनट से 1 घंटे व्यायाम करते है तो आप ऐसे बीमारियों से अपने आप को बचा सकते है और एक स्वस्थ जीवन की कल्पना कर सकते है।

7) थकान को दूर करता है।

दोस्तों ज्यादार लोगो को थकने की समस्या होती है वो किसी भी काम को करके जल्दी ही थक जाते है। उन लोग से मेरा अनुरोध है की आप एक बार व्यायाम को अपना कर देखे आप की थकने की आदत खत्म हो जाएगी। दोस्तों शरीर को आप जितना आराम देंगे वो उतना ही कमजोर होता चला जायेगा। अतः आप अपने शरीर से मेहनत कराये और फिर देखे आपका शरीर कैसे मजबूत होते चला जाता है। दोस्तों यदि थकने की समस्या है तो आप व्यायाम करे जैसे जैसे आप प्रतिदिन व्यायाम करने की आदत बनाएंगे वैसे-वैसे आप देखेंगे की आपकी थकने की समस्या दूर होती जा रही है। व्यायाम प्रतिदिन करने से हमारा शरीर और भी ज्यादा मजबूत हो जाता है जिससे हम किसी भी कार्य को करने से जल्दी नहीं थकते। व्यायाम हमारे शरीर को चुस्त-दरुस्त बनाने में बेहद मदद करता जिससे शरीर के सहन शक्ति में भी वृद्धि आती है।

8) रोगो से बचाता है।

व्यायाम हमारे शरीर को स्वास्थ बनाता है जिसके कारन हमे जल्दी कोई रोग नहीं सता सकता है। अगर आप व्यायाम प्रतिदिन करते है तो आपके रोग ग्रस्त होने की संभावना बेहद कम जाएगी और सर्दी -जुखाम जैसी आम बीमारिया तो आपको छू भी नहीं पायेगी। अतः व्यायाम को अपनाये और इसका फायदा उठाये।

9) अच्छी नींद दिलाता है।

अगर आपको रात में नींद ना आने की समस्या है तो आप सुबह जल्दी उठकर प्रतिदिन व्यायाम करे। कुछ दिनों में ही आप देखेंगे की आपकी ये समस्या भी दूर हो गयी है। आप जल्दी ही महसूस करने लगेंगे की आप को रात में अच्छी नींद आने लगी है। अच्छी नींद लेने के कारण आपका पूरा दिन अच्छे से बीतेगा और आप अपने आप को पहले से बहुत बेहतर महसूस करेंगे।

10) सकारात्मकता आती है।

दोस्तों जिस प्रकार हमारे जीवन में भोजन करना जरूरी है ठीक उसी प्रकार से व्यायाम भी बेहद जरूरी है। व्यायाम करने से हमे सकारात्मक का अनुभव होता है जिससे हमारा सभी काम में मन लगता है। अगर आप भी पुरे दिन को अच्छे से बिताना चाहते है तो आज से ही व्यायाम करना सुरु कर दे, इससे आपका स्वाभाव हमेशा अच्छा बना रहेगा और व्यवसाय में मन भी लगा रहेगा। अगर आपका स्वाभाव सही हो तो आप सब कुछ कर सकते है। अतः यदि आप व्यायाम से पीछे भागते है तो आज से ही व्यायाम सुरु कर दे और जिंदगी को एक अलग नज़र से देखे।

दोस्तों व्यायाम के इन फायदों को जान के आपको समझ आ ही गया होगा की व्यायाम हमारे लिए कितना जरुरी है। आज हमने "Morning Exercise Benefits in hindi" को विस्तार से जाना, मै आशा करता हूँ आपको ये पोस्ट जरूर पसंद आया होगा, धन्यवाद।